Indian Tradition Says “ अथिति देवो भव: ” Meaning “Guest Is God” You And Your Family Are Our God During Your Visit To Ramdevra. We Provide Personalizes Family Tours Covering Jodhpur, Jaisalmer and Some Other Historical Places
रामदेव समाधी
अवतारी पुरुष एवं जन-जन की आस्था के प्रतीक बाबा रामदेव जी ने अपना समाधी स्थल, अपनी कर्मस्थली रामदेवरा (रूणीचा) को ही चुना. बाबा ने यहाँ पर भादवा सुदी 11 वि.सं. 1442
को जीवित समाधी ली.समाधी लेते समय बाबा ने अपने भक्तों को शान्ति
एवं अमन से रहने की सलाह देते हुए जीवन के उच्च आदर्शों से अवगत कराया. बाबा ने जिस स्थल पर समाधी ली थी, उस स्थल पर बीकानेर के राजा गंगासिंह ने भव्य मंदिर का निर्माण करवाया इस मंदिर में बाबा की समाधी के अलावा उनके परिवार वालो की समाधियाँ भी स्थित है. मंदिर परिसर में बाबा की मुंहबोली बहिन डाली बाई की समाधी, डालीबाई का कंगन एवं राम झरोखा भी स्थित हैं |
रामदेव समाधी
अवतारी पुरुष एवं जन-जन की आस्था के प्रतीक बाबा रामदेव जी ने अपना समाधी स्थल, अपनी कर्मस्थली रामदेवरा (रूणीचा) को ही चुना. बाबा ने यहाँ पर भादवा सुदी 11 वि.सं. 1442
एवं अमन से रहने की सलाह देते हुए जीवन के उच्च आदर्शों से अवगत कराया. बाबा ने जिस स्थल पर समाधी ली थी, उस स्थल पर बीकानेर के राजा गंगासिंह ने भव्य मंदिर का निर्माण करवाया इस मंदिर में बाबा की समाधी के अलावा उनके परिवार वालो की समाधियाँ भी स्थित है. मंदिर परिसर में बाबा की मुंहबोली बहिन डाली बाई की समाधी, डालीबाई का कंगन एवं राम झरोखा भी स्थित हैं |